विश्व अस्थमा माह - 02 मई, 2017

जब समग्र स्वास्थ्य की बात आती है, तो हम चाहते हैं कि हमारा शरीर अच्छी तरह से तेल की गई मशीन की तरह काम करे. इसका मतलब है कि हमारे सभी अंग - दिल, मस्तिष्क, पेट, और यहां तक कि हमारे फेफड़ों को भी बेहतर हालत में होना चाहिए. हम अपने फेफड़ों की सांस लेने की क्षमता को इतना फालतू मानते हैं कि हम उनके बारे में तब तक नहीं सोचते जब तक कि हमें सांस लेने में कोई परेशानी न हो. हालांकि, बहुत से लोग फेफड़ों पर ध्यान नहीं देते, और इसलिए यदि (और कब) उन्हें श्वास की समस्या का निदान किया जाता है तो चिंतित हो जाते हैं. श्वास की समस्याएं जैसे अस्थमा और एलर्जी के बारे में चिंता करने जैसा कुछ भी नहीं है. सही निदान और उपचार के साथ, उनका आसानी से इलाज और प्रबंधित किया जा सकता है.

लोगों को श्वास की विभिन्न समस्याओं और उपचारों के बारे में शिक्षित करने के लिए, ब्रीदफ्री (सिप्ला की सार्वजनिक सेवा पहल) ने देश भर में विश्व अस्थमा दिवस यानी 02 मई, 2017 को शिविर लगाए. इन शिविरों ने लोगों को स्पिरोमीटर और ब्रीद-ओ-मीटर का उपयोग करके अपनी फेफड़ों की क्षमता का परीक्षण करने में मदद की, जबकि डॉक्टरों ने श्वास की विभिन्न समस्याओं की मूल बातें, और इनहेलर उनके इलाज के लिए असरदार तरीका क्यों है के बारे में समझाया. डॉक्टरों ने इनहेलरों पर सवाल उठाने वाले मिथकों के बारे में बात की, और साबित करने के लिए तथ्यों को समझाया कि इनहेलर सांस लेने की समस्याओं का इलाज करने का सबसे असरदार तरीका हैं.

शिविर बेहद सफल रहे, कई लोगों ने शिविरों में भाग लिया और ब्रीथफ्री से अपने आस-पास और ज्यादा शिविर आयोजित करने के लिए कहा.