सीओपीडी से संबंधित सभी अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या सीओपीडी पूरी तरह से ठीक हो सकता है?
सीओपीडीअफ़सोस कि सीओपीडी पूरी तरह से ठीक नहीं हो सकता है, लेकिन आप सही इलाज से और अपनी जीवनशैली में बदलाव लाकर इसके लक्षणों पर काबू ज़रूर पा सकते हैं और अपने जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बना सकते हैं।1
क्या सीओपीडी छूत की बीमारी है?
सीओपीडीसीओपीडी छूत की बीमारी नहीं है। आपको यह बीमारी किसी और से नहीं लग सकती। आमतौर पर सीओपीडी धूम्रपान से, बायोमास धुएँ के संपर्क में आने से, वायुप्रदूषण से या लंबे समय तक हानिकारक धुएँ के संपर्क में रहने से होता है। 2
क्या सीओपीडी आनुवंशिक है?
सीओपीडीअल्फ़ा-1 एंटीट्रिप्सिन डेफ़िशियेंसी नाम का एक विकार है जिसकी वजह से सीओपीडी हो सकता है। लेकिन ज़्यादातर लोगों में धूम्रपान से या फेफड़ों को उत्त्तेजित करने वाली चीज़ों के संपर्क में आने से सीओपीडी होता है। 6
क्या धूम्रपान से सीओपीडी बिगड़ सकता है?
सीओपीडीहाँ, धूम्रपान से सीओपीडी बिगड़ सकता है। धूम्रपान से सीओपीडी के होने और उसके बिगड़ने दोनों का ही खतरा बहुत बढ़ जाता है, जो आखिरकार मृत्युदर में बढ़ोतरी की वजह बनता है। धूम्रपान नहीं करने वालों के मुकाबले धूम्रपान करने वालों में सीओपीडी होने की ज़्यादा संभावना रहती है और धूम्रपान की मात्रा बढ़ने के साथ खतरा भी बढ़ता जाता है। पैसिव स्मोकिंग (अप्रत्यक्ष धूम्रपान) भी एक जोखिम है जिसे नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए। सीओपीडी को सँभालने और रोकने के लिए धूम्रपान बंद करना ज़रूरी है। धूम्रपान बंद करने से सीओपीडी का बढ़ना कम हो सकता है और मृत्युदर में गिरावट आ सकती है। निकोटीन रिप्लेसमेंट थेरपी (एनआरटी) से धूम्रपान छोड़ने में मदद मिल सकती है।7
क्या धूम्रपान नहीं करने पर भी सीओपीडी होने की संभावना है?
सीओपीडीहाँ, अगर आप धूम्रपान नहीं करते हैं, तो भी आपको सीओपीडी हो सकता है। धूम्रपान नहीं करने वालों में बायोमास धुएँ और काम की जगह पर हानिकारक चीज़ों के संपर्क में आने से और वायुप्रदूषण से सीओपीडी हो सकता है।3
अस्थमा और सीओपीडी में क्या फ़र्क है?
सीओपीडीअस्थमा और सीओपीडी दोनों ही आपके फेफड़ों पर असर करते हैं, लेकिन ये अलग-अलग बीमारियाँ हैं। अस्थमा आमतौर पर बचपन में शुरू होता है और आनुवंशिक और पर्यावरणीय कारकों के मिश्रण की वजह से होता है। सीओपीडी आमतौर पर जीवन में देर से होता है, यह ज़्यादातर धूम्रपान, वायुप्रदूषण और बायोमास धुएँ के संपर्क में आने से होता है और समय के साथ बिगड़ता चला जाता है।4
क्या अस्थमा की वजह से सीओपीडी होता है?
सीओपीडीसीओपीडी सीधे अस्थमा की वजह से नहीं होता है, लेकिन कुछ हालातों में यह सीओपीडी होने का खतरा बढ़ा सकता है। जिन रोगियों को लंबे समय से या अनियंत्रित अस्थमा है, उनमें समय के साथ लगातार फेफड़ों के खराब होने और फेफड़ों के ठीक से काम नहीं करने की समस्याएँ आ सकती हैं जो सीओपीडी के लिए खतरे की वजहें हो सकती हैं।5
अगर मुझे सीओपीडी है, तो मुझे नियमित रूप से कौन से टेस्ट करवाने चाहिए?
सीओपीडीअगर आपको सीओपीडी है, तो नियमित रूप से टेस्ट करवाने सेआपकी बीमारी की निगरानी करने में मदद मिल सकती है। आपको निम्नलिखित टेस्ट करवाने चाहिए:
- स्पाइरोमेट्री: फेफड़ों के काम के इस बुनियादी टेस्ट से आपके सीओपीडी की गंभीरता का निदान और निर्धारण करने में मदद मिलती है।
- पीक एक्सपायरेटरी फ़्लो टेस्ट: इस टेस्ट में आपके साँस छोड़ने की रफ़्तार मापी जाती है जिससे समय के साथ आपके फेफड़ों के काम में होनेवाले बदलावों को देखने में मदद मिलती है।
- आर्टरियल ब्लड गैस टेस्ट: आर्टरियल ब्लड गैस (एबीजी) टेस्ट खून के बहाव में ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड का स्तर मापकर फेफड़ों के काम का आकलन करता है।
- छाती का एक्स-रे या सीटी स्कैन: ये इमेजिंग टेस्ट फेफड़ों केखराब होने या सीओपीडी से जुड़ी दूसरी जटिलताओं को पहचानने में मदद करते हैं। 8
अगर मुझेसीओपीडी है, तो मुझे कौन-सी सावधानियाँ बरतनी चाहिए?
सीओपीडीसीओपीडी सेपीड़ित व्यक्तियों केलिए यह ज़रूरी हैकि वे निम्नलिखित बुनियादी सावधानियों का पालन करें:
- अपने डॉक्टर की सुझाई दवाओं का इस्तेमाल करें
- टीके लगवाना: नियमित रूप से फ़्लू और निमोनिया के टीके लगवाएँ, साथ ही कोविड-19 का टीका भी लगवाएँ जिससे आप ऐसे इन्फ़ेक्शन से बच सकें जो आपके सीओपीडी को बिगाड़ सकते हैं।
- सार्वजनिक जगहों पर मास्क पहनें: फेफड़ों को उत्तेजित करनेवाली चीज़ों और इन्फ़ेक्शन से बचाने के लिए भीड़-भाड़ वाले या प्रदूषित इलाकों में मास्क का इस्तेमाल करें।
- अपने हाथों को बार-बार धोएँ: इन्फ़ेक्शन की गुंजाइश कम करनेके लिए नियमित रूप से अपने हाथों को धोना बहुत ज़रूरी है, खास तौर पर फ़्लू के मौसम में और सार्वजनिक इलाकों में समय बिताने के बाद।
- फेफड़ों को उत्तेजित करनेवाली चीज़ों से दूर रहें: धुएँ, धूल, रासायनिक भाप और ठंडी हवा के संपर्क में आने से बचें क्योंकि इनसे साँस की समस्याएँ हो सकती हैं और आपके लक्षण तेज़ हो सकते हैं।
- हवा की गुणवत्ता के बारे में लगातार जानकारी रखें: हवा की गुणवत्ता पर नियमित रूप से नज़र रखें और प्रदूषण स्तरों में बढ़ोतरी होने पर घर ही में रहने की कोशिश करें।
- मौसम में बदलाव होने पर अपने डॉक्टर से सलाह लें।12
क्या तबीयत बेहतर लगनेपर दवाओंका सेवन बंद किया जा सकता है?
सीओपीडीनहीं, अगर आप बेहतर महसूस कर भी रहे हों, तो भी आपको अपने डॉक्टर से सलाह लिए बगैर अपनी दवा का सेवन बंद नहीं करना चाहिए। सीओपीडी लगातार रहनेवाली बीमारी है जिसके लिए लगातार देखभाल और प्रबंधन ज़रूरी होता है। अगर आप अपनी दवा लेना बंद कर देते हैं, तो इससे आपके लक्षण तेज़ हो सकते हैं या बुरी तरह से बिगड़ सकतेहैं। 13
क्या सीओपीडी होनेपर व्यायाम कर सकतेहैं?
सीओपीडीहाँ, अगर आपको सीओपीडी है, तो भी आप व्यायाम कर
सकते हैं। सीओपीडी के रोगियों के लिए शारीरिक गतिविधि एक बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है क्योंकि इससे
माँसपेशियों के काम में बहुत बढ़िया सुधार हो सकता है, रोगी
की व्यायाम करने की क्षमता बढ़ सकती है और
कुल मिलाकर उसके जीवन की गुणवत्ता बेहतर हो सकती है।
अपने डॉक्टर से अपने लिए सही व्यायाम दिनचर्या और
विकल्पों के बारेमें पूछें। 14
सीओपीडी मेंसाँस केकौन-सेव्यायाम मददगार हो सकते हैं?
सीओपीडीसीओपीडी होने पर साँस लेना आसान बनाने में निम्नलिखित तरीके मददगार पाए गए हैं:
- पर्स्ड-लिप ब्रीदिंग: नाक से धीरे-धीरे साँस लें, फिर होठों को सिकोड़कर धीरे-धीरे साँस छोड़ें। इससेआपके वायुमार्गों को खुला रखने में मदद मिलती है और ऑक्सीजन के लेन-देन में सुधार हो सकता है।
- डायफ़्रामेटिक ब्रीदिंग: अपने डायफ़्राम का इस्तेमाल करके गहरी साँस लेनेपर पूरा ध्यान दें। इससे फेफड़ों की कुशलता बेहतर हो सकती है और साँस लेने का काम कम हो सकता है।
- एक्टिव एक्स्पायरेशन एंड इंसपायरेटरी मसल ट्रेनिंग: नियंत्रित रूप से साँस छोड़ने (एक्टिव एक्स्पायरेशन) का अभ्यास करने और साँस लेने में इस्तेमाल होनेवाली माँसपेशियों को मज़बूत करने (इंसपायरेटरी मसल ट्रेनिंग) से साँस लेने की माँसपेशियों की ताकत और साँस लेने की क्षमता बेहतर हो सकती है।
- एक्टिव सायकल ऑफ़ ब्रीदिंग टेक्नीक (एसीबीटी): एसीबीटी वायुमार्ग साफ़ करने का एक तरीका है जिसमें छाती को फुलानेवाले व्यायाम और साँस को नियंत्रित करने जैसे अलग अलग तरीकों का इस्तेमाल होता है।