नेबुलाइज़ेशन क्या है?
यह एक प्रक्रिया है जो तरल दवा को बारीक स्प्रे (एरोसोल) या धुंध में बदल देती है जिसे फिर साँस से खींचकर श्वसन प्रणाली में ले जाया जा सकता है।
नेबुलाइज़ेशन के फ़ायदे
नेबुलाइज़र तरल दवा को बारीक धुंध या एरोसोल में बदल सकते हैं जिससे दवा साँस से खींचने के लिए उपलब्ध हो जाती है।
नेबुलाइज़र का इस्तेमाल करने के लिए साँस लेने की प्रक्रिया के लिए कम से कम तालमेल की ज़रूरत पड़ती है।
जेट नेबुलाइज़र (ये सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होने वाले नेबुलाइजर हैं) तरह-तरह के दवा सल्यूशन केसाथ काम करते हैं।
नेबुलाइज़र का इस्तेमाल शिशुओं, बहुत बुज़ुर्ग या कमज़ोर रोगियों में या उन लोगों में किया जा सकता है जिन्हें किसी तेज़ बीमारी के लिए तुरंत इलाज की ज़रूरत है।
यह उन रोगियों में काम करता है जो किसी साँस की बीमारी [इंस्पिरेटरी फ़्लो की कम मात्रा] की वजह से गहरी साँस नहीं ले सकते हैं।
प्रभावकारिता के लिए साँस रोकना पूरी तरह से ज़रूरी नहीं है।
अगर ज़रूरत पड़े, तो इस्तेमाल की जाने वाली दवाओं की सांद्रता [आइसोटोनिक सलाइन से पतला करके] अनुकूल बनाई जा सकती है।
दूसरे एरोसोल डिवाइस के मुकाबले नेबुलाइज़र में बड़ी खुराकें पहुँचाने की क्षमता होती है
अच्छे नेबुलाइज़ेशन केअभ्यास की ज़रूरत
नेबुलाइज़ेशन फेफड़ों तक दवा पहुँचाने का एक आम और वैकल्पिक तरीका है [दूसरे तरीकों में इनहेलर, ओरल थेरपी, जैसेकि गोलियाँ और इंट्रावेनस थेरपी आती हैं]। ज़्यादातर इसका इस्तेमाल नैदानिक व्यवस्थाओं में तेज़ साँस की बीमारियों के इलाज के लिए और प्रतिरोधी वायुमार्ग रोगों जैसे कि क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिज़ीज़ (सीओपीडी), अस्थमा, सिस्टिक फ़ाइब्रोसिस और ब्रोन्किएक्टसिस के लंबे समय के इलाज के लिए किया जाता है।
नेबुलाइज़र तरल दवा [घोल या सस्पेंशन केरूप में होता है] को भाप, एरोसोल या धुंध में बदल देता है ताकि रोगी इसकी साँस ले सकेऔर यह सीधे उसके फेफड़ों में पहुँच जाए। नेबुलाइज़ेशन का मुख्य उद्देश्य दवा को जल्दी से और बड़ी आसानी से फेफड़ों तक पहुँचाना है जिसके लिए रोगी को तालमेल की बहुत ही कम ज़रूरत पड़े, यह हाथ में पकड़े जाने वाले (हैंडहेल्ड) इनहेलर के साथ देखी जाने वाली आम समस्या है। इसलिए, यह बच्चों, बुज़ुर्गों और उन रोगियों में दवा प्रदान करने का पसंदीदा तरीका है जो अलग-अलग वजहों से हाथ में पकड़े जाने वाले इनहेलर का कारगर तरीके से इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं।
नेबुलाइज़ेशन थेरपी बहुत से लोगों द्वारा अपनाई जाती है और कई प्रयोजनों में इस्तेमाल होती है, इसके बावजूद इसकी आलोचना भी की जाती है। अक्सर ऐसा जागरूकता की कमी और नेबुलाइज़र के इस्तेमाल के बारे में गलत जानकारी की वजह सेहोता है। नेबुलाइज़ेशन थेरपी के बारे में जागरूकता फ़ैलाने और उसके सही इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लक्ष्य से सिप्ला ने 'गुड नेबुलाइज़ेशन प्रैक्टिस' (अच्छा नेबुलाइज़ेशन अभ्यास) या बस ‘जीएनपी’ नाम से एक सार्वजनिक पहल शुरू की है।
बच्चों में नेबुलाइज़ेशन
अपने बच्चे के लिए नेबुलाइज़ेशन को आसान कैसे बनाएँ
वैसे तो नेबुलाइजेशन प्रक्रिया सरल है, लेकिन अपने बच्चे को इसके लिए राजी करना पेचीदा हो सकता है। ये सुझाव नेबुलाइज़ेशन से पहले और उसके दौरान अपने बच्चे को शांत करने (और अपनी बेचैनी कम करने) में आपकी मदद करेंगे।
- सतर्क रहें
अपने बच्चे को नेबुलाइज़ेशन वाला इलाज देते समय उस पर कड़ी निगरानी रखना ज़रूरी है। - सकारात्मक रवैया अपनाएँ
बच्चेअपने माता-पिता की भावनाओं को आसानी से भाँप सकते हैं और उनके मुताबिक बर्ताव करते हैं। इसलिए, नेबुलाइज़ेशन के बारे में सकारात्मक रवैया अपनाना और आश्वस्त रहना बहुत ज़रूरी है ताकि आपका बच्चा भी यही नज़रिया अपनाए और उसे आसानी से और कारगर तरीके से नेबुलाइज़ किया जा सके। - अपने बच्चे से बातचीत करें
अगर आपका बच्चा इतना बड़ा है कि बात समझ सकता है, तो उससे नेबुलाइज़ेशन और इस बारे में बात करने की कोशिश करें कि यह कैसे उसकी हालत को जल्दी से बेहतर बना सकता है। - अपने बच्चे का ध्यान भटकाएँ
इससे नेबुलाइज़ेशन की प्रक्रिया के दौरान आपके बच्चे का ध्यान दूसरी चीज़ों में लगाने में मदद मिलेगी – इससे उसका दिमाग व्यस्त और शांत रहेगा और आप दोनों के बीच रिश्ता और गहरा होगा। यहाँ इस विषय में कुछ सुझाव दिए गए हैं:
उसे खेलने के लिए उसका मनपसंद खिलौना दे दें
कोई दिलचस्प कहानी सुनाने लग जाएँ
कोई मजेदार कार्टून या वीडियो गेम खेलना शुरूकर दें
उसे शांत करने के लिए उसका पसंदीदा गाना बजाएँया गुनगुनाने लगें - उसे सही स्थिति में नेबुलाइज़ करें
कुछ बच्चे इस प्रक्रिया के लिए कुर्सी पर सीधे बैठना पसंद करते हैं, जबकि दूसरे चाहते हैं कि उनके माता-पिता इस दौरान उन्हें बाहों में भरकर रखें। अच्छे नतीजों के लिए नेबुलाइज़ करते समय बच्चे को पकड़कर सीधा बिठाए रखें या उससे सीधा बैठने के लिए कहें। सही स्थिति से नेबुलाइज़ेशन की प्रक्रिया सरल और आसान हो सकती है। - जब आपका बच्चा सो रहा हो या लेटा हो, तो नेबुलाइज़
न करें
अगर आप अपने सोते बच्चे को नेबुलाइज़ करेंगे, तो यह खतरा है कि दवा फेफड़ों तक नहीं पहुँचेगी क्योंकि इस स्थिति में उसका मुँह बंद रहेगा। सोते समय बच्चे की साँस उथली होती है और वह नाक से साँस लेता है जिससे नेबुलाइज़ेशन की कुशलता कम हो जाती है। इस बात की भी संभावना रहती है कि जब बच्चे को उसके चेहरे पर मास्क लगाकर रुखाई से जगाया जाएगा, तो उसे सदमा लगेगा। - उसके मास्क का डर दूर करें
छोटे बच्चों को लग सकता है कि वे फ़ेस मास्क से साँस नहीं ले पाएँगे और इसलिए वे इसे पहनने के लिए हरगिज़ नहीं मानेंगे।
इस डर को भगाने के लिए उन्हें गोताखोरों और स्नोर्कलर लोगों की तस्वीरें दिखाएँ।
अपने बच्चे को बताएँकि वह एक सुपर हीरो हैऔर इसलिए फ़ेस मास्क पहनना उसके लिए ज़रूरी है
खुद फ़ेस मास्क पहनकर उसे दिखाएँ। फ़ेस मास्क को सुखद बनाने के लिए आप अपने बच्चे के पसंदीदा कार्टून किरदार की तस्वीरें उस पर चिपका सकते हैं। - स्पर्श की ताकत का इस्तेमाल करें
स्पर्श थेरपी सबसे शांत करने वाली चीज़ हो सकती हैऔर आपके बच्चे को सुरक्षा की भावना से ढक सकती है। अगर ज़रूरत पड़े, तो नेबुलाइज़ेशन के दौरान अपने बच्चे को अपनी बाहों में भरकर रखें या उसका हाथ पकड़े रहें। अपने बच्चे को बढ़ावा दिखाने और हिम्मत देने के लिए नेबुलाइज़ करते समय उसे थपथपाएँया दुलारें। - अपने बच्चे की तारीफ़ करें
नेबुलाइज़ेशन खत्म हो जाने के बाद प्रक्रिया में हिस्सा लेने के लिए अपने बच्चे की कद्र करें, उसकी भरपूर तारीफ़ करें और उसे गले लगाएँ। नेबुलाइज़ेशन के बारे में डर या परेशानी दूर करने के लिए ऐसे सकारात्मक तरीकों से उसकी हिम्मत बढ़ाना ज़रूरी है।
सफ़र के दौरान नेबुलाइजेशन के लिए सुझाव
साँस की बीमारियों के साथ जीना अक्सर चुनौतीपूर्ण और अभिभूत करने वाला हो सकता है क्योंकि इसकी वजह से सफ़र करने जैसी गतिविधियों पर कुछ पाबंदियाँ लग सकती हैं। कुछ रोगियों के लिए सफ़र के दौरान नेबुलाइज़र का इस्तेमाल करना पेचीदा हो सकता है। आपको अपने डॉक्टर से जाँच करवाने, सलाह और मंज़ूरी लेने के बाद ही सफ़र पर रवाना होना चाहिए। पोर्टेबल, मुलायम और हल्के वज़न के नेबुलाइज़र उपलब्ध होने की वजह सेसफ़र करना आसान हो सकता है; लेकिन किस प्रकार का पोर्टेबल नेबुलाइज़र खरीदना है इसका फ़ैसला सिर्फ़ आपके डॉक्टर के सुझाव पर आधारित होना चाहिए।
अगर आपने ने बुलाइज़र के साथ सफ़र करना है, तो नीचे दिए गए सुझावों से आपको अपने सफ़र की योजना बनाने में मदद मिलेगी:
सफ़र पर जाने से पहले देख लें कि आपने नेबुलाइज़र किट के सभी हिस्से पैक किए हैं या नहीं - जैसे, अगर यह जेट नेबुलाइज़र है, तो देख लें कि क्या आपने कम्प्रेसर, ट्यूबिंग, दवा का कप/कैप, फ़ेस मास्क/माउथपीस और एक नेबुलाइज़र फ़िल्टर पैक किया है।
नेबुलाइज़र किट को टूटने या खराब होने से बचाने के लिए उसे बबल रैप में पैक करें।
अगर आपको पोर्टेबल, हल्के नेबुलाइज़र का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है, तो इसे पाउच में या निर्माता के स्टोरेज निर्देशों के मुताबिक सुरक्षित रूप से अपने साथ ले जाना सुनिश्चित करें।
बेहतर होगा कि आप एक ऐसा पोर्टेबल नेबुलाइज़र लेकर चलें जिसे कार के एक्सेसरी पावर आउटलेट या पावर बैंक (यह नेबुलाइज़र की बनावट पर निर्भर करता है) में लगाया जा सकता हो।
नेबुलाइज़र के लिए अतिरिक्त बैटरी रख लें ताकि खो जानेया खराब होने की सूरत में ये काम आ सकें।
अगर आप किसी दूसरे देश जा रहेहैं, तो एडाप्टर साथ ले जाएँ।
नेबुलाइज़ेशन के लिए उन सारी दवाइयों की पर्याप्त मात्रा अपने साथ रख लें जिनकी सलाह आपके डॉक्टर ने दी है।
रेस्क्यू दवाएँ (स्पेसर वाले इनहेलर) अपने पास रखें।
हवाई जहाज़ सेसफ़र करते समय देख लें कि आप जिस एयरलाइन से सफ़र करने वाले हैं, वह बोर्ड पर नेबुलाइज़र ले जाने/उसका इस्तेमाल करने की इजाज़त देती है या नहीं।
सफ़र से पहले अपनी या अपने रोगी (अगर आप किसी की देखभाल कर रहे हैं) की मौजूदा हालत का आकलन करने और दवा की खुराक को ठीक करने के लिए जाँच करवाएँ, ख़ासकर पुरानी बीमारी के मामलों में।
सुनिश्चित करें कि आप सफ़र करते समय भी नेबुलाइज़र किट को साफ़ और कीटाणु रहित करें।
References
J. COPD 2012; 9:58–72, Nursing Standard 25(31): 50-56, Int J Pharm Sci & Res 2019; 10(8): 3575-82. doi: 10.13040/IJPSR.0975-8232.10(8).3575-82
