प्रेरक कहानी
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मेरे लिए क्रिकेट की अहमियत हमेशा एक खेल से बढ़कर रही है—यह मेरा जुनून, मेरा सपना, मेरे जीने का तरीका रहा है। लेकिन मैं बचपन में आम तौर पर मैदान के किनारे ही खड़ा रहता था और साँस लेने की जद्दोजहद में लगा रहता था, जबकि मेरा दिल सिर्फ़ गेंद के पीछे भागना चाहता था।
मेरे लिए क्रिकेट की अहमियत हमेशा एक खेल से बढ़कर रही है—यह मेरा जुनून, मेरा सपना, मेरे जीने का तरीका रहा है। लेकिन मैं बचपन में आम तौर पर मैदान के किनारे ही खड़ा रहता था और साँस लेने की जद्दोजहद में लगा रहता था, जबकि मेरा दिल सिर्फ़ गेंद के पीछे भागना चाहता था।
मेरा नाम रोहित विलास लोंधे है और जब मुझे अस्थमा का निदान हुआ तब मेरी उम्र सिर्फ 6 साल थी। बचपन में मुझे क्रिकेट से प्यार था, लेकिन जब भी मैं खेलता था, मेरी साँस फूलने लगती थी। यह परेशानी सिर्फ़ मैदान तक ही सीमित नहीं रही—जल्द ही चलने-फिरने के दौरान भी मेरी साँस फूलने लगी और मैं खाँसने लगा। खेल से इतना प्यार होने के बावजूद भी मैं खेल नहीं पाता था क्योंकि इससे मेरी हालत बदतर हो जाती थी।
मेरे माता-पिता ने मुझे डॉक्टर को दिखाया और उन्होंने मुझे खाँसी की दवाई दी। मैंने इलाज जारी रखा, लेकिन मेरे लक्षण बदतर होते गए। जल्द ही मुझे घरघराहट, सीने में जकड़न और रात में नींद नहीं आने की समस्याओं ने घेर लिया। मेरे माता-पिता को एहसास हुआ कि कहीं कुछ गड़बड़ है।
वे दोबारा मुझे एक डॉक्टर के पास ले गए। उन्होंने कुछ टेस्ट किए जिसमें मुझे स्पाइरोमीटर डिवाइस में फूँक मारने के लिए कहा गया। टेस्ट से यह पक्का हो गया कि मुझे अस्थमा है और इनहेलर से इलाज की ज़रूरत है। लेकिन मेरे माता-पिता इनहेलर की बात से चिंता में पड़ गए और बहुत झिझकने लगे क्योंकि उन्हें लग रहा था कि यह सुरक्षित नहीं होगा और मैं उनका आदी हो जाऊँगा।
फिर डॉक्टर ने बड़े ध्यान से समझाया कि इनहेलर की आदत नहीं पड़ेगी और यह मेरे इलाज का एक बहुत ही ज़रूरी हिस्सा है। उन्होंने इनहेलर से इलाज के फायदों के बारे में मेरे माता-पिता को विश्वास दिलाया। इस समझ के साथ मेरी माँ ने पक्का किया कि मैं इनहेलर का इस्तेमाल ठीक वैसे ही करूँ जैसा कि बताया गया है। सही दवाओं, स्पष्ट एक्शन प्लान और मेरे परिवार के साथ की बदौलत आखिरकार मैं इतना तंदरुस्त हो गया कि अपने सपने पूरे करना जारी रख सकूँ।
तब से मैंने शानदार प्रगति की है। मैंने अपने कॉलेज के लिए एक स्टेट-लेवल का क्रिकेट मैच भी जीता और मुझे मैन ऑफ़ द मैच का खिताब दिया गया। उस पल ने मुझे दिखा दिया कि अगर आप जी-जान से मेहनत करें और हार न मानें, तो नामुमकिन कुछ भी नहीं। शुभमन गिल जैसे क्रिकेटरों को देखकर भी मैं बहुत प्रेरित हुआ हूँ, जो अपनी फ़िटनेस पर इतनी मेहनत करते हैं—वे मेरे पसंदीदा खिलाड़ी हैं।
क्रिकेट के अलावा मुझे एआई इंजीनियरिंग का भी बेहद शौक है और मैं अपनी क्रिकेट कोचिंग जारी रखते हुए पुणे में इसकी पढ़ाई करने की योजना बना रहा हूँ। मेरा विश्वास है कि मैं अपने करियर और शौक दोनों के बीच संतुलन बना सकता हूँ। हालाँकि अस्थमा मेरे जीवन का एक हिस्सा है, लेकिन मैं इसे मेरी पहचान तय नहीं करने देता। मुझे पता है कि सही देखभाल और साथ से मैं अपने सपने हासिल कर सकता हूँ। अस्थमा मेरी पहचान नहीं है—यह बस मेरे सफ़र का एक हिस्सा भर है।
अस्वीकरण: यह एक जनहित में जारी पहल है, जिसका उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता है। इसे किसी भी प्रकार से पेशेवर चिकित्सीय सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। कृपया किसी भी उपचार/दवा/इनहेलर की शुरुआत करने से पहले अपने डॉक्टर/स्वास्थ्य देखभाल पेशेवर से परामर्श करें। सिप्ला इसके उपयोग से उत्पन्न किसी भी प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष, परिणामी या अन्य हानि के लिए जिम्मेदार नहीं होगा। इस पोस्ट में शामिल सिप्ला एवं प्रतिभागी सामग्री के उपयोग से उत्पन्न किसी भी दायित्व से इनकार करते हैं। "CIPLA" नाम और लोगो सिप्ला लिमिटेड की एकमात्र बौद्धिक संपत्ति हैं।